छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

0
IMG-20260221-WA1187

शिक्षकों की पेंशन, पदोन्नति और सेवा शर्तों को लेकर रखी 10 सूत्रीय मांगें, शैक्षिक कैलेंडर 2026 का विमोचन

लोरमी छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन लोरमी इकाई के पदाधिकारियों ने शुक्रवार 21 फरवरी 2026 को शिक्षकों की विभिन्न लंबित और ज्वलंत मांगों के निराकरण को लेकर उपमुख्यमंत्री , विधायक लोरमी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा शैक्षिक कैलेंडर 2026 का विमोचन भी किया गया।

संघ के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के हजारों शिक्षक पेंशन, पदोन्नति, क्रमोन्नति और सेवा शर्तों से जुड़ी विसंगतियों से लंबे समय से प्रभावित हैं। ज्ञापन के माध्यम से न केवल राज्य स्तरीय नीतिगत मुद्दे उठाए गए, बल्कि लोरमी विकासखंड से जुड़ी कुछ स्थानीय समस्याओं के शीघ्र समाधान की भी मांग रखी गई, जिन पर उपमुख्यमंत्री द्वारा उचित निर्णय और कुछ मांगों को तत्काल पूर्ण कराने का आश्वासन दिया गया।

ये रहीं प्रमुख मांगें

  1. द्वारा WPS 647/2021 (दिनांक 23 जनवरी 2026) तथा रमेश चंद्रवंशी WPS 2255/2021 सहित अन्य याचिकाओं में पारित निर्णय के तहत संविलियन पूर्व सेवा की गणना करते हुए उसे पेंशन योग्य सेवा मान्य करने के आदेश जारी किए जाएं।
  2. केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान किया जाए।
  3. वर्तमान में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पर पेंशन का प्रावधान होने के कारण एलबी संवर्ग के कई शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसे घटाकर न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण किया जाए।
  4. लगभग 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति और क्रमोन्नति से वंचित हैं। पदोन्नति में दिए गए वन टाइम रिलेक्सेशन की तरह क्रमोन्नति के लिए भी 10 वर्ष की सेवा शर्त को एक बार के लिए शिथिल कर 5 वर्ष में लाभ दिया जाए।
  5. 17 अगस्त 2012 के नियमों के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संदर्भ में पुनर्विचार/हस्तक्षेप याचिका दायर कर विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित की जाए।
  6. केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखने वाले सहायक शिक्षकों के लिए एनसीटीई के नियमानुसार 6 माह का बीएड ब्रिज कोर्स शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
  7. स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप से ऑनलाइन अटेंडेंस के स्थान पर बायोमैट्रिक (पंच मशीन) से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जाए।
  8. शिक्षक सदन की मांग को प्रमुखता से रखते हुए लोरमी विकासखंड में भी शीघ्र शिक्षक सदन का निर्माण कराया जाए, जिस पर तत्काल पूरा कराने का आश्वासन दिया गया।
  9. विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास स्थित शराब भट्ठी के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं को देखते हुए कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने पर उचित निर्णय लिया जाए।
  10. संतान पालन अवकाश की पात्रता वर्तमान में केवल महिला शिक्षकों तक सीमित है, इसे पुरुष शिक्षकों के लिए भी लागू किया जाए।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संगठन सचिव रामसिंह ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष मिल्लू राम यादव, तहसील अध्यक्ष रहीम डाहिरे और लेखराम नेताम, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अन्नपूर्णा परिहार, राजा सिंह मिरी, शाबीर खान, कुंदन पात्रे, सत्यनारायण तिवारी, कामेश्वर कश्यप, लीलाधर साहू, मुकेश वैष्णव, अमित केडी, सचिव संतोष कुमार साहू, संचालक नारायण साहू, मीडिया प्रभारी युगल राजपूत सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार शिक्षकों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असंतोष दूर होगा और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

error: Content is protected !!