जेवरा स्कूल से अतिक्रमण हटाने व जर्जर सड़क के विरोध में आदिवासी समाज सड़क पर उतरा

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खम्हरिया बस स्टैंड पर आधे घंटे चक्का जाम, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

मस्तूरी/बिलासपुर। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के वनांचल गांवों में बुनियादी समस्याओं को लेकर आदिवासी समाज का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। जेवरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर से अतिक्रमण हटाने और बिलासपुर–सीपत–हरदीबाजार–सोठी–खमरिया–अदराली–नवापारा मार्ग के लगभग 12 किलोमीटर लंबे जर्जर सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने खम्हरिया बस स्टैंड के पास बलौदा–सीपत मुख्य मार्ग पर करीब आधे घंटे तक चक्का जाम किया।

चक्का जाम में वनांचल क्षेत्र के हजारों ग्रामीण, आदिवासी समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल रहीं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए दोनों मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा के अहाते में एक व्यक्ति द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा कर सब्जी की खेती की जा रही है। बार-बार आपत्ति के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे स्कूल के बच्चों और शैक्षणिक गतिविधियों को परेशानी हो रही है। वहीं दूसरी ओर खमरिया–अदराली–जेवरा सड़क मार्ग वर्षों से बदहाल है। गड्ढों और टूट-फूट के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है, लेकिन संबंधित विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष देव सिंह पोर्ते ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी हितों की बात की जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि गांवों की सड़कों और स्कूल परिसरों की हालत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहरों की सड़कें तेजी से बन जाती हैं, जबकि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ता है।

चक्का जाम की सूचना पर तहसीलदार सोनू अग्रवाल और थाना प्रभारी राजेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी राघवेंद्र सूर्यवंशी ने एक माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। वहीं जेवरा स्कूल में अतिक्रमण के मामले में तहसीलदार ने बताया कि प्रकरण न्यायालय में लंबित है और नियमानुसार शीघ्र समाधान किया जाएगा।

आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम समाप्त किया। आंदोलन में लक्ष्मीबाई पोर्ते जनपद सदस्य, मीणा वस्त्रकार सरपंच सोंठी, त्रिभुवन पोर्ते सरपंच प्रतिनिधि जूहली, प्रमोद कुर्रे सरपंच प्रतिनिधि खोद्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

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