मादक पदार्थों के कारोबार में लगातार संलिप्तता पर PIT-NDPS की कार्रवाई, बनवाली अग्रवाल 3 माह के लिए निरुद्ध

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उतई थाना क्षेत्र के आरोपी को केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल कराया गया, 2015 से 2025 के बीच NDPS Act के चार प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख

दुर्ग। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना उतई क्षेत्र के निवासी बनवाली अग्रवाल (50) के खिलाफ मादक पदार्थों से जुड़े आपराधिक अभिलेख और लगातार अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आधार पर PIT-NDPS Act के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा आरोपी को 3 माह के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश के परिपालन में उतई पुलिस ने आरोपी को केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल कराया है।

पुलिस के अनुसार बनवाली अग्रवाल निवासी हथखोज पारा, उतई के संबंध में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रतिवेदन में उसे थाना क्षेत्र का नामजद गुण्डा बदमाश बताया गया है। प्रतिवेदन में वर्ष 2010 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का उल्लेख किया गया है।

10 साल में NDPS Act के चार प्रकरण

सक्षम प्राधिकारी के आदेश में उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2015 से 2025 के बीच मादक पदार्थों से संबंधित चार प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख है। सभी मामलों में धारा 20(ख) NDPS Act का उल्लेख किया गया है।

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इनमें अपराध क्रमांक 173/2015, 108/2018, 282/2023 और 298/2025 शामिल हैं। पुलिस अभिलेख के अनुसार वर्ष 2015 के मामले में विशेष न्यायालय NDPS एक्ट दुर्ग द्वारा 13 सितंबर 2017 को आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किए जाने का उल्लेख है।

वहीं अपराध क्रमांक 108/2018 और 282/2023 के संबंध में आदेश में आरोपी के दोषमुक्त होने का उल्लेख किया गया है। अपराध क्रमांक 298/2025 में विशेष न्यायालय NDPS एक्ट दुर्ग द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को निर्णय पारित किए जाने की जानकारी आदेश में दर्ज है।

जेल से छूटने के बाद भी गतिविधियों में सुधार नहीं

सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुसार पूर्व में जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी के मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त रहने की जानकारी सामने आती रही। पुलिस प्रतिवेदन में उसकी गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात कही गई।

उपलब्ध दस्तावेजों, पुलिस अभिलेखों एवं साक्षियों के कथनों का परीक्षण करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने निरोधात्मक कार्रवाई को आवश्यक माना। इसके बाद स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3(1) के तहत आरोपी को 3 माह के लिए निरुद्ध करने का आदेश पारित किया गया।

गांजा सहित मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री का आरोप

पुलिस अभिलेख एवं सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुसार आरोपी के संबंध में गांजा सहित मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी में लगातार संलिप्त रहने की जानकारी दर्ज है। प्रतिवेदन में स्वयं एवं अन्य साथियों के माध्यम से मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को संचालित करने का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार थाना उतई क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में उसकी गतिविधियों को लेकर उपलब्ध जानकारी और पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड को कार्रवाई का आधार बनाया गया।

3 माह के लिए केंद्रीय जेल में निरुद्ध

इस मामले में प्रतिवेदन क्रमांक 01/2026 के तहत PIT-NDPS Act की धारा 3(1) में कार्रवाई की गई। आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी, दुर्ग संभाग, दुर्ग द्वारा 24 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार निरोध की अवधि 3 माह निर्धारित की गई है।

आदेश के बाद थाना उतई पुलिस ने आरोपी बनवाली अग्रवाल को केंद्रीय जेल दुर्ग में दाखिल कराया।

अभिलेख जुटाकर तैयार किया गया प्रतिवेदन

कार्रवाई में थाना उतई पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने आरोपी के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों, मादक पदार्थों से संबंधित मामलों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का संकलन कर PIT-NDPS के तहत प्रतिवेदन तैयार किया। प्रतिवेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद जारी आदेश का प्रभावी ढंग से पालन कराया गया।

पुलिस ने नागरिकों से मांगा सहयोग

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी अथवा सेवन से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि प्राप्त सूचना के आधार पर तथ्यों की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आम नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

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