एक्सपायरी खाद्य सामग्री पर सुपर बाजारों में ‘खेल’ का आरोप, फर्जी पैकिंग डेट को लेकर उठे सवाल

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मुंगेली के आनंद सुपर बाजार में एक्सपायरी पापड़ बिकने की शिकायत, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर निगाहें

मुंगेली। शहर के सुपर बाजारों में पैकेज्ड खाद्य सामग्री की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ दुकानों में ब्रांडेड कंपनियों के खाद्य उत्पादों पर सुपर बाजार संचालकों द्वारा अलग से पैकिंग डेट का स्टिकर चस्पा कर दिया जाता है। इससे उत्पाद की वास्तविक निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

आनंद सुपर बाजार में एक्सपायरी पापड़ मिलने की शिकायत

मुंगेली शहर के गौरव पथ स्थित आनंद सुपर बाजार से खरीदे गए चौधरी कंपनी के पापड़ को लेकर एक उपभोक्ता ने गंभीर शिकायत की है। उपभोक्ता के अनुसार उसने 17 अगस्त 2026 को सुपर बाजार से उक्त खाद्य सामग्री खरीदी थी।

उपभोक्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक, पापड़ के मूल पैकेट पर कंपनी की ओर से मैन्युफैक्चरिंग डेट 16 मई 2026 तथा एक्सपायरी डेट 15 अगस्त 2026 अंकित थी। वहीं इसी पैकेट पर सुपर बाजार की ओर से 18 जून 2026 की पैकिंग डेट दर्शाने वाला अलग स्टिकर लगा हुआ बताया गया है।

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शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि मूल निर्माता ने पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी की तारीख स्पष्ट रूप से अंकित की है, तो उसके ऊपर अलग से पैकिंग डेट का स्टिकर लगाए जाने का औचित्य क्या है? सबसे गंभीर सवाल यह है कि 15 अगस्त 2026 को एक्सपायर हो चुके उत्पाद की बिक्री 17 अगस्त को कैसे की गई।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और संबंधित नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बिल, फोटो और वीडियो के साथ शिकायत की तैयारी

उपभोक्ता ने मामले की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग, जिला प्रशासन, राज्य शासन और FSSAI सहित संबंधित अधिकारियों से करने की बात कही है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पास खरीदे गए उत्पाद का बिल, भुगतान संबंधी प्रमाण, खाद्य सामग्री की तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं।

यदि शिकायत आधिकारिक रूप से दर्ज होती है तो खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संबंधित उत्पाद, उसकी पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण एवं एक्सपायरी विवरण तथा लगाए गए अतिरिक्त स्टिकर की जांच की जा सकती है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

अन्य पैकेज्ड खाद्य सामग्री को लेकर भी शिकायतें

शहर के कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि सूखे मेवे, मसाले, दाल, पैकेज्ड स्नैक्स सहित कई उत्पादों में भी मूल पैकेजिंग पर दर्ज विवरण को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। आरोप है कि कुछ मामलों में मूल पैकेट के ऊपर अलग स्टिकर चिपकाकर नई पैकिंग या ‘बेस्ट बिफोर’ संबंधी जानकारी प्रदर्शित की जाती है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और बिक्री से संबंधित नियमों का पालन करना विक्रेता और संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक की जिम्मेदारी है।

उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा मामला

खाद्य पदार्थ की वास्तविक वैधता अवधि समाप्त होने के बाद उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। खराब या दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में खाद्य उत्पादों की निर्माण तिथि, एक्सपायरी अथवा ‘बेस्ट बिफोर’ तिथि और पैकेजिंग संबंधी जानकारी की स्पष्टता बेहद महत्वपूर्ण है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच पर टिकी निगाहें

मामले के सामने आने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर है। यदि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज और उत्पाद जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जरूरत होगी।

उपभोक्ताओं का कहना है कि केवल त्योहारों के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करने के बजाय शहर के सुपर बाजारों और बड़े खाद्य विक्रेताओं की भी नियमित जांच होनी चाहिए। पैकेज्ड खाद्य सामग्री की रैंडम सैंपलिंग और लेबलिंग की जांच से ऐसी शिकायतों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

कार्रवाई से पहले जांच जरूरी, लेकिन शिकायत को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता

इस पूरे मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी, इसलिए संबंधित प्रतिष्ठान को दोषी ठहराने से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना उचित होगा। लेकिन यदि मूल पैकेट पर दर्ज एक्सपायरी तिथि के बाद उत्पाद की बिक्री और उसके ऊपर भिन्न पैकिंग डेट का स्टिकर लगाए जाने की बात जांच में सही पाई जाती है, तो यह उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय होगा।

अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और आनंद सुपर बाजार सहित अन्य प्रतिष्ठानों में पैकेज्ड खाद्य सामग्री की जांच के दौरान क्या स्थिति सामने आती है।

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